रायबरेली। विधि विश्लेषक प्रयोगशाला की जांच में एनर्जी ड्रिंक का नमूना मिसब्रांड मिलने के बाद मुंबई के रेडबुल एनर्जी ड्रिंक के निर्माता पर दो लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। विक्रेता व अनमोल बेकरी के संचालक पर भी 25 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है।

एडीएम प्रशासन सिद्धार्थ ने मुकदमे की सुनवाई पूरी करते हुए फैसला सुनाया। निर्माता व विक्रेता को एक माह के अंदर जुर्माने की राशि जमा करने के आदेश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर वसूली होगी।
मिसब्रांड क्या होता है ?
मिसब्रांडेड (Misbranded) का अर्थ है किसी उत्पाद (जैसे खाना, दवा, या कॉस्मेटिक) पर गलत, अधूरा या भ्रामक लेबल लगाना।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी स्वाती सिंह ने 10 मई 2018 को शहर के कैपरगंज स्थित अनमोल बेकरी से रेडबुल एनर्जी ड्रिंक का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। नमूने के मिसब्रांड पाए जाने के बाद एडीएम प्रशासन के कोर्ट में मुकदमा किया गया था।
एडीएम ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान सभी पक्षों को सुना। अदालत ने निर्माता और विक्रेता दोनों को दोषी पाया। मुंबई के अंधेरी कुर्ला रोड पर स्थित प्रथम तल बी विंग 215 अग्रिम चकाला स्थित निर्माता कंपनी रेडबुल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड पर दो लाख रुपये और अनमोल बेकरी के संचालक विनोद कुमार हसानी पर 25 हजार का अर्थदंड लगाया गया।
बादशाह नमकीन के विक्रेता पर 25 हजार जुर्माना
10 दिसंबर 2021 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुण कुमार ने दरियाशाह गौरा स्थित हरिशंकर की दुकान से बादशाह नमकीन का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। जांच में नमूना फेल आने पर एडीएम प्रशासन के कोर्ट में मुकदमा किया गया था। मुकदमे की सुनवाई पूरी होने के बाद एडीएम ने दुकानदार हरिशंकर पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। एक माह के अंदर जुर्माने की राशि जमा न करने पर तहसील के माध्यम से वसूली के आदेश दिए गए हैं।रायबरेली। विधि विश्लेषक प्रयोगशाला की जांच में एनर्जी ड्रिंक का नमूना मिसब्रांड मिलने के बाद मुंबई के रेडबुल एनर्जी ड्रिंक के निर्माता पर दो लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। विक्रेता व अनमोल बेकरी के संचालक पर भी 25 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है।
एडीएम प्रशासन सिद्धार्थ ने मुकदमे की सुनवाई पूरी करते हुए फैसला सुनाया। निर्माता व विक्रेता को एक माह के अंदर जुर्माने की राशि जमा करने के आदेश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर वसूली होगी।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी स्वाती सिंह ने 10 मई 2018 को शहर के कैपरगंज स्थित अनमोल बेकरी से रेडबुल एनर्जी ड्रिंक का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। नमूने के मिसब्रांड पाए जाने के बाद एडीएम प्रशासन के कोर्ट में मुकदमा किया गया था।
एडीएम ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान सभी पक्षों को सुना। अदालत ने निर्माता और विक्रेता दोनों को दोषी पाया। मुंबई के अंधेरी कुर्ला रोड पर स्थित प्रथम तल बी विंग 215 अग्रिम चकाला स्थित निर्माता कंपनी रेडबुल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड पर दो लाख रुपये और अनमोल बेकरी के संचालक विनोद कुमार हसानी पर 25 हजार का अर्थदंड लगाया गया।
बादशाह नमकीन के विक्रेता पर 25 हजार जुर्माना
10 दिसंबर 2021 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुण कुमार ने दरियाशाह गौरा स्थित हरिशंकर की दुकान से बादशाह नमकीन का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। जांच में नमूना फेल आने पर एडीएम प्रशासन के कोर्ट में मुकदमा किया गया था। मुकदमे की सुनवाई पूरी होने के बाद एडीएम ने दुकानदार हरिशंकर पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। एक माह के अंदर जुर्माने की राशि जमा न करने पर तहसील के माध्यम से वसूली के आदेश दिए गए हैं।
-रवि शंकर सिंह, संवादाता, रायबरेली
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