UPSSSC PET 2026: 35 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम, AI चश्मों और गैजेट्स पर कसेगा शिकंजा; मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश

उत्तर प्रदेश प्रशासनिक समीक्षा: प्रशासनिक सतर्कता और पारदर्शी व्यवस्था पर जोर

उत्तर प्रदेश में पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने और जनकल्याणकारी योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन को लेकर शासन स्तर पर बड़ी कवायद शुरू की गई है। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 की तैयारियों समेत कई महत्वपूर्ण अभियानों की प्रगति का जायजा लिया गया।

इस बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से अनुपालन करने के आदेश दिए गए हैं।

1. हायटेक सुरक्षा तंत्र के साये में होगी PET-2026 परीक्षा

राज्य में प्रतियोगिता परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए इस बार तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। UPSSSC द्वारा आयोजित की जाने वाली PET-2026 को पूरी तरह नकलविहीन बनाने के लिए सुरक्षा के असाधारण मानक तय किए गए हैं।

  • हाई-टेक गैजेट्स पर प्रतिबंध: परीक्षा हॉल में स्मार्ट डिवाइस, ब्लूटूथ, मोबाइल और विशेष रूप से AI क्षमता वाले चश्मों को रोकने के लिए प्रवेश द्वार पर ही कड़ी तलाशी (frisking) ली जाएगी।
  • सीसीटीवी से निरंतर निगरानी: परीक्षा केंद्रों के साथ-साथ कोषागारों (Treasuries) में स्थापित सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी।
  • कर्मचारियों का विशेष प्रशिक्षण: ड्यूटी पर तैनात नोडल अफसरों और कक्ष निरीक्षकों को नियमों के कड़े अनुपालन हेतु प्रशिक्षित किया जा रहा है।

परीक्षा से जुड़े मुख्य आंकड़े व तिथियां:

  • कुल पंजीकृत परीक्षार्थी: 35.41 लाख से अधिक
  • परीक्षा की तारीखें: 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026
  • कुल परीक्षा केंद्र: 1,372 (प्रदेश के 60 जिलों में)
  • पाली समय: पहली पाली (सुबह 10:00 से दोपहर 12:00) और दूसरी पाली (दोपहर 3:00 से शाम 5:00 बजे तक)

2. परीक्षार्थियों की सुविधा और भीड़ प्रबंधन हेतु व्यापक व्यवस्था

लाखों अभ्यर्थियों के एक साथ आवागमन को ध्यान में रखते हुए परिवहन और सुरक्षा ढांचे को मजबूत किया जा रहा है:

  • परिवहन स्थल पर प्रबंधन: बस अड्डों, प्रमुख रेलवे स्टेशनों और मुख्य मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया जाएगा।
  • होल्डिंग एरिया और हेल्पडेस्क: भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रमुख स्टेशनों और केंद्रों के पास ‘होल्डिंग एरिया’ बनाए जाएंगे। महिला अभ्यर्थियों की सहायता के लिए विशेष हेल्पडेस्क स्थापित होंगी।
  • कानून व्यवस्था: ठहरने के स्थानों, जैसे होटलों और रैन बसेरों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी।

3. पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान (1 से 30 नवंबर)

वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ‘डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट’ प्रक्रिया को सुगम बनाया जा रहा है:

  • फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक: अब पेंशनभोगी अपने स्मार्टफोन में Jeevan Pramaan और Aadhaar Face RD ऐप का उपयोग करके घर बैठे ही सत्यापन पूरा कर सकते हैं।
  • विशेष शिविरों का आयोजन: 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 के मध्य पूरे राज्य में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और ऑन-स्पॉट रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी मिलेगी।
  • जागरूकता पर बल: मैन्युअल तरीके से प्रमाण पत्र जमा करने वाले पेंशनधारकों को डिजिटल माध्यम अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

4. स्वास्थ्य और जल संरक्षण अभियानों में तेजी लाने के निर्देश

समीक्षा बैठक के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण और जल संरक्षण पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया गया:

  • आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM): सभी पात्र नागरिकों की ABHA ID बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। अस्पतालों में ई-प्रिस्क्रिप्शन, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड्स, LIS और ऑनलाइन अपॉइंटमेंट (ORS) सेवाओं को अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों का नियमित मूल्यांकन होगा।
  • कैच द रेन-2026 (जल संचय): वर्षा जल संचयन के शत-प्रतिशत लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए जिलाधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग के आदेश दिए गए हैं। बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों को प्रोत्साहन राशि देकर पुरस्कृत किया जाएगा।

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