दिव्यांगों के लिए बड़ी राहत: पेंशन के नियमों में बदलाव, अब जन्म से मिलेगा फायदा और बढ़ गई राशि
हाल ही में केंद्र सरकार ने समाज के कमजोर और जरूरतमंद तबके के लिए एक बहुत ही शानदार कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया कि ‘राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम’ अब ‘प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना’ के नाम से साल 2030-31 तक जारी रहेगा। इस बड़े बदलाव के बाद से दिव्यांग भाई-बहनों, बुजुर्गों और विधवा महिलाओं को मिलने वाली मदद और अधिक सुगम हो गई है। आइए जानते हैं कि इस योजना में क्या-क्या नए और राहत भरे बदलाव किए गए हैं।

जन्म से ही पेंशन का अधिकार और आसान हुए नियम
पहले नियमों के मुताबिक, 18 साल से कम उम्र के बच्चों और सिर्फ 80 प्रतिशत तक की विकलांगता वाले लोगों को ही पेंशन का लाभ मिलता था। लेकिन अब सरकार ने नियमों को बेहद लचीला और मददगार बना दिया है। नए प्रावधान के तहत अब जन्म से ही 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले लोग भी इस पेंशन के हकदार होंगे। इसके अलावा, योजनाओं के पुराने नामों में बदलाव करके उन्हें नया स्वरूप दिया गया है, हालांकि बुजुर्गों और विधवाओं के लिए मिलने वाली वित्तीय सहायता के ढांचे को पहले जैसा ही सुरक्षित रखा गया है।
जानिए किसे कितना मिलेगा आर्थिक लाभ
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस योजना से जुड़ी अहम जानकारियां साझा करते हुए बताया कि अगले पांच वर्षों में इस पर कुल 53,428 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। देश के लगभग 3.20 करोड़ लोग इस योजना से सीधे लाभान्वित होंगे, जिनमें:
- 2.21 करोड़ से अधिक बुजुर्ग शामिल हैं।
- 27 लाख दिव्यांगजन लाभ पाएंगे।
- 67 लाख विधवा महिलाएं इसका लाभ लेंगी।
- 3.59 लाख अन्य सामाजिक रूप से पिछड़े लोग जुड़ेंगे।
पेंशन राशि में बढ़ोतरी
दिव्यांगजनों को मिलने वाली केंद्रीय सहायता राशि में भी साफ इजाफा किया गया है:
- 0 से 79 वर्ष की आयु के लोगों को अब हर महीने 375 रुपये मिलेंगे (जो पहले 300 रुपये थे)।
- 80 साल या उससे अधिक उम्र के बुजुर्ग दिव्यांगों को अब प्रतिमाह 625 रुपये दिए जाएंगे (जो पहले 500 रुपये हुआ करते थे)।
यह राशि पूरी तरह से केंद्र सरकार की ओर से तय हिस्सा होती है, जिसमें राज्य सरकारें अपनी तरफ से भी सहयोग राशि जोड़कर लाभार्थियों तक पहुंचाती हैं। साल 1995 में शुरू हुई यह योजना आज देश के लाखों परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लाने का बड़ा जरिया बन चुकी है।
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