उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक विशेष पाती साझा किया है.
मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों,
शिक्षक वह दीप हैं, जो ज्ञान का प्रकाश फैलाकर आने वाली पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इसी ज्ञान के विस्तार और प्रत्येक व्यक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में 8 सितंबर को हम अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाएंगे।
हमारी सरकार परंपरागत ज्ञान को आधुनिक विज्ञान, तकनीक, नवाचार और कौशल से जोड़ रही है। लखनऊ में Al City और कानपुर में ड्रोन एवं UAV तकनीक का विकसित होता पारिस्थितिकी तंत्र उत्तर प्रदेश के तकनीकी भविष्य की नई संभावनाओं का आधार बन रहा है।
आइए, इस अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर संकल्प लें कि हर बच्चा विद्यालय पहुंचे, हर विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाए, हर युवा कौशल और नवाचार से जुड़े तथा हर नागरिक साक्षर होने के साथ डिजिटल ज्ञान और एआई के प्रति जागरूक बने।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा के मूल उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चे केवल पढ़ना-लिखना सीखने के लिए स्कूल नहीं जाते. शिक्षा का असली मकसद बच्चों को ज्ञान के साथ-साथ अच्छे संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और जीवन को सही दिशा देने वाली समझ प्रदान करना है. प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि हमारे गुरुकुल समग्र शिक्षा के केंद्र थे, जहां विद्यार्थियों को जीवन मूल्यों और सामाजिक दायित्वों का बोध कराया जाता था. ज्ञान की सार्थकता तभी है जब वह व्यक्ति के जीवन को सरल बनाए और पूरे समाज के काम आ सके.

AI और डिजिटल साक्षरता का दौर
आज के बदलते दौर में तकनीक बहुत तेजी से जीवन को प्रभावित कर रही है. मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि वर्तमान समय में केवल साधारण साक्षरता ही काफी नहीं है, बल्कि डिजिटल साक्षरता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का ज्ञान होना भी समय की बड़ी मांग है. AI, डीप-टेक और नई तकनीकें आज शिक्षा, स्वास्थ्य, खेती, उद्योग और रोजगार के नए रास्ते खोल रही हैं. राज्य सरकार पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान, तकनीक, इनोवेशन और कौशल विकास से जोड़ने का काम पूरी निष्ठा से कर रही है.
तकनीकी विकास और शिक्षा में बड़े सुधार
उत्तर प्रदेश को तकनीकी क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं. लखनऊ में AI City और कानपुर में ड्रोन व UAV तकनीक का विकसित होता इकोसिस्टम राज्य के उज्ज्वल तकनीकी भविष्य का आधार बन रहा है. इसके साथ ही, बेसिक शिक्षा में सुधार के लिए ऑपरेशन कायाकल्प और मिशन प्रेरणा जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इन प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश के स्कूलों में बच्चों के पढ़ाई छोड़नेकी दर में भारी कमी आई है और अधिक से अधिक बच्चे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं.
साक्षरता और उज्ज्वल भविष्य का सामूहिक संकल्प
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने एक समृद्ध और साक्षर समाज के निर्माण का संकल्प दोहराया. उन्होंने कहा कि साक्षरता का यह सपना बिना समाज के सहयोग के पूरा नहीं हो सकता. सरकार का लक्ष्य है कि हर बच्चा स्कूल पहुंचे, प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, हर युवा कौशल और नवाचार से जुड़े तथा प्रदेश का प्रत्येक नागरिक डिजिटल ज्ञान और AI तकनीक से अच्छी तरह परिचित हो. शिक्षकों की भूमिका को सबसे अहम बताते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षक ही विद्यार्थियों में जिज्ञासा और आत्मविश्वास की लौ जलाते हैं, जिससे एक सशक्त और समर्थ उत्तर प्रदेश का निर्माण हो रहा है.
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