उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद राहत भरी और काम की खबर सामने आ रही है. उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) द्वारा राज्य के करीब 3.73 करोड़ घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को उनकी जमा सिक्योरिटी राशि पर 6.50% की दर से ब्याज देने का फैसला किया गया है. सबसे खास बात यह है कि इस ब्याज का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को कहीं चक्कर नहीं काटने होंगे, बल्कि यह सीधे उनके आने वाले बिजली बिलों में घटा दिया (एडजस्ट कर दिया) जाएगा. इसके लिए सॉफ्टवेयर को अपडेट कर दिया गया है. अगर आपके जून के बिजली बिल में इंट्रेस्ट एडजस्ट नहीं हुआ है तो आप UPPCL से शिकायत कर सकते हैं.
जून और जुलाई के बिजली बिलों में मिलेगी सीधी छूट
पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों के मुताबिक, उपभोक्ताओं को मिलने वाली यह ब्याज राशि जून और जुलाई 2026 के बिजली बिलों में समायोजित (Adjust) की जाएगी. इसका मतलब है कि इस महीने आपका बिजली बिल जितना भी आएगा, उसमें से ब्याज की रकम कम हो जाएगी और आपको केवल बची हुई राशि का ही भुगतान करना होगा. प्रदेश भर के उपभोक्ताओं के बिलों में इस बार कुल मिलाकर लगभग 300 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में एडजस्ट किए जा रहे हैं.
अप्रैल 2025 की बैंक दर को बनाया गया आधार
इस बार दिए जा रहे ब्याज का निर्धारण 1 अप्रैल 2025 को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा तय की गई बैंक दर के आधार पर किया गया है, जो 6.50% बैठती है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के उपभोक्ताओं की औसत जमा सिक्योरिटी राशि लगभग 4,616 करोड़ रुपये रही है, जिस पर इस भारी-भरकम ब्याज का मूल्यांकन किया गया है.
10% ईंधन अधिभार के बीच बड़ी राहत
यह राहत ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश के उपभोक्ता बिजली बिलों में 10% ईंधन अधिभार शुल्क (Fuel Surcharge) की वसूली का सामना कर रहे हैं. फ्यूल सरचार्ज के कारण बिलों में जो बढ़ोतरी देखने को मिल रही थी, उसके बीच जून और जुलाई के महीनों में मिलने वाला यह सिक्योरिटी ब्याज उपभोक्ताओं के मासिक बजट को संतुलित करने में एक बड़ा सहारा बनेगा.
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और UPPCL के चेयरमैन आशीष गोयल के बीच लगातार विवाद चल रहा है. 10 प्रतिशत बिजली महंगे करने के फैसले पर ऊर्जा मंत्री ने पत्र लिखकर नाराजगी जताई है. इस विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी एंट्री हो गई है. मुख्यमंत्री 15 जून को बिजली विभाग के साथ बैठक करेंगे. इस बैठक में बिजली दरों को लेकर भी चर्चा हो सकती है. कहा जा रहा है कि बिजली बिल पर जो 10 प्रतिशत अधिभार लगाया गया है उसे वापस लिया जा सकता है. ऊर्जा मंत्री भी कह चुके हैं कि UPPCL के इस फैसले से जनता में आक्रोश है.
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