आगामी पर्वों के दौरान आम जनता को सफर में कोई दिक्कत न हो, इसे लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। लखनऊ में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि जहां लोगों की आवाजाही सबसे ज्यादा होती है—जैसे अस्पताल, शिक्षण संस्थान, मुख्य बाजार और सरकारी दफ्तर—वहां के रास्तों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर की जाए। त्योहारों की शुरुआत से पहले ही इन सभी मुख्य मार्गों को पूरी तरह दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

हाल ही में हुई भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित सड़कों की स्थिति पर ध्यान देते हुए सीएम ने कहा कि फिलहाल सभी क्षतिग्रस्त रास्तों को तुरंत इस लायक बनाया जाए कि गाड़ियां आसानी से आ-जा सकें। इसके साथ ही, हाल में बनी उन सड़कों का भी नया सर्वे कराया जाएगा जिन्हें मानसून से नुकसान पहुंचा है। जैसे ही बारिश का मौसम खत्म होगा, इन सभी प्रभावित रास्तों के पक्के नवीनीकरण का काम शुरू कर दिया जाएगा।

इस पूरे अभियान को सही समय पर पूरा करने के लिए लोक निर्माण विभाग के साथ-साथ नगर विकास, पंचायती राज, सिंचाई, ग्राम्य विकास और मंडी परिषद जैसे सभी संबंधित विभागों को आपस में बेहतर तालमेल बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की कार्ययोजना का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि काम में तेजी लाने के साथ-साथ निर्माण की गुणवत्ता (क्वालिटी) का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।
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