उत्तर प्रदेश में किसानों की बुनियादी समस्याओं, भूमि अधिग्रहण के नियमों और फसलों के वाजिब दाम को लेकर एक नया जनांदोलन शुरू होने जा रहा है। उ०प्र० कांग्रेस कमेटी ग्रामीण इलाकों तक पहुंचकर किसानों के मुद्दों को मजबूती से उठाने की रणनीति बना चुकी है। लखनऊ स्थित पार्टी दफ्तर में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में इस पूरे अभियान की रूपरेखा तैयार की गई।

ज़मीन के मुआवजे और सर्किल रेट में अंतर पर सवाल
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि इस यात्रा का मुख्य केंद्र भूमि अधिग्रहण और सर्किल रेट में चल रही धांधली को बनाना होगा। उन्होंने कहा कि जनता के बीच यह बात प्रमुखता से रखी जाएगी कि सरकार किस दर पर किसानों की ज़मीनें अधिग्रहित करती है और वही ज़मीनें बिल्डरों को किस कीमत पर दी जाती हैं। साथ ही, उन ज़मीनों पर तैयार होने वाले महंगे फ्लैट्स का सच भी उजागर किया जाएगा। पार्टी का उद्देश्य यह दिखाना है कि मौजूदा व्यवस्था किस तरह अप्रत्यक्ष रूप से किसानों के अधिकारों का हनन कर रही है।
एमएसपी और कृषि नीतियों पर सीधे ग्रामीणों से बातचीत
अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष अखिलेश शुक्ला ने बताया कि ‘किसान अधिकार यात्रा’ का मकसद अन्नदाताओं की आवाज़ को एक मंच देना है। यात्रा के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), फसलों की सही कीमत, और कृषि क्षेत्र से जुड़ी व्यापारिक नीतियों के असर जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी। कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर किसानों से सीधा संवाद करेंगे और उनकी चिंताओं को सरकार के सामने लाएंगे।
संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति
रणनीति तैयार करने के लिए आयोजित इस सत्र में संगठन के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें किसान कांग्रेस के जोन प्रभारी दिलीप मिश्रा, मध्य जोन एआईसीसी प्रभारी आनंद पाल सिंह, मध्य जोन चेयरमैन बृज मौर्या, पूर्वी जोन चेयरमैन राम अधार जोसेफ, शशि उपाध्याय, राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर आर०सी० पांडेय, कन्हैया यादव भारतीय, सर्वेश श्रीवास्तव भारतीय, महासचिव कमलेश तिवारी, सचिव अतुल वर्मा, अमित प्रताप सिंह, प्रदीप मिश्रा, महेंद्र यादव, अरूण त्रिपाठी, ए०बी० खान समेत प्रदेश के कई जिलों से आए प्रतिनिधि शामिल हुए।
-रवि शंकर सिंह, संवादाता, रायबरेली
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