45 प्रतिशत से कम अंक पाने वाली पंचायतें शुरुआती मूल्यांकन में ही पिछड़ीं; अब 12 प्रशासनिक अफसरों की 6 टीमें धरातल पर उतरकर करेंगी जमीनी पड़ताल।

गांवों को आदर्श और समृद्ध बनाने की होड़ में रायबरेली जिले की ग्राम पंचायतों के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल रहा है। ‘मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना’ के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले गांवों को सम्मानित किया जाना है। हालांकि, शुरुआती समीक्षा में ही कड़े मानकों की वजह से बड़ा फेरबदल हो गया है। आवेदन करने वाली 187 ग्राम पंचायतों में से 164 पंचायतें 45 फीसदी अंक का न्यूनतम मानदंड भी पार नहीं कर सकीं और होड़ से बाहर हो गईं। अब केवल 9 ब्लॉकों की 23 पंचायतें ही अगले चरण के मूल्यांकन तक पहुंच पाई हैं।
7 दिनों में देनी होगी ग्राउंड रिपोर्ट
जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) विनय कुमार सिंह के मुताबिक, शुरुआती पड़ाव को पार करने वाली 23 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के सच को परखने के लिए 12 वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर 6 विशेष जांच दल गठित किए गए हैं, जिन्हें आगामी एक सप्ताह (7 दिन) के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। जिला स्तर पर सत्यापन पूरा होने के बाद अंतिम सूची राज्य सरकार को भेजी जाएगी, जिसके बाद प्रदेश स्तर की टीम भी इन आंकड़ों का दोबारा भौतिक सत्यापन करेगी।
इन 9 कसौटियों पर तौला जा रहा है विकास
पुरस्कार के दावेदार गांवों का चयन कुल 9 मुख्य पैमानों पर किया जा रहा है:
- पर्याप्त जलापूर्ति और स्वच्छता: जल संरक्षण एवं हरा-भरा माहौल।
- सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा: गरीबी उन्मूलन, महिला सशक्तीकरण और बच्चों के अनुकूल वातावरण।
- सुशासन व आत्मनिर्भरता: स्वास्थ्य सेवाएं, मजबूत बुनियादी ढांचा और पारदर्शी शासन व्यवस्था।
ब्लॉक-वार जांच टीमों का विवरण
ज़मीनी हकीकत का जायजा लेने के लिए तैनात की गई टीमों का ब्योरा इस प्रकार है:
- अमावां ब्लॉक (घुराडही, दुलौती, असरफाबाद, पिंडारी खुर्द, बछरावां, कोडरस खुर्द और बछवल):
- जांच अधिकारी: खंड विकास अधिकारी (BDO) एवं उपायुक्त NRLM।
- बछरावां व डीह ब्लॉक (मलपुरा, भैरमपुर, पूर्वांचल और कचनावा):
- जांच अधिकारी: जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं जिला गन्ना अधिकारी।
- महाराजगंज व शिवगढ़ ब्लॉक (कुना, सिरसा, बरहुआ और खजूरों):
- जांच अधिकारी: जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी।
- जगतपुर व ऊंचाहार ब्लॉक (टिकरा मुसल्लेपुर, तिवारीपुर, ईश्वरदासपुर, गंगौली, निमोहा और मोखरा):
- जांच अधिकारी: जिला पूर्ति अधिकारी एवं जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी।
- खीरो व सरेनी ब्लॉक (हरदी और हथनासा):
- जांच अधिकारी: जिला कृषि अधिकारी एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी।
-रवि शंकर सिंह, संवादाता, रायबरेली
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