उत्तर प्रदेश के इतिहास में 16 अक्टूबर 2018 का दिन एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। इसी दिन राज्य कैबिनेट की आधिकारिक मंजूरी के बाद ऐतिहासिक और पौराणिक संदर्भों के आधार पर ‘इलाहाबाद’ का नाम बदलकर ‘प्रयागराज’ किया गया। इस नाम परिवर्तन के साथ ही शहर के बुनियादी ढांचे और वैश्विक साख में अभूतपूर्व बदलाव की शुरुआत हुई।
पिछले आठ वर्षों के दौरान, इस प्राचीन नगरी ने अपने पारंपरिक स्वरूप को बनाए रखते हुए आधुनिक शहरी विकास की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं।

इवेंट-आधारित बजटिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर का कायाकल्प
कुंभ 2019 और महाकुंभ 2025 जैसी वैश्विक सांस्कृतिक सभाओं के आयोजन के लिए आवंटित भारी भरकम वित्तीय बजट ने शहर के कायाकल्प में उत्प्रेरक (catalyst) का काम किया। बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के तहत निम्नलिखित प्रमुख कार्य किए गए:
- यातायात एवं सड़क नेटवर्क: मुख्य मार्गों का चौड़ीकरण, आधुनिक फुटपाथों का निर्माण और फ्लाईओवर/ओवरब्रिज के नेटवर्क से यातायात को सुचारू बनाया गया।
- स्मार्ट सिटी पहल: नागरिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए ओपन-एयर जिम, मॉड्युलर बस शेल्टर, पब्लिक बाइक शेयरिंग और चौराहों के सौंदर्यीकरण जैसी आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गईं।
- पर्यटन एवं हेरिटेज कॉरिडोर: संगम तट के पक्के घाटों का निर्माण, बड़े हनुमान मंदिर कॉरिडोर, अरैल रिवरफ्रंट और शहर के प्रमुख ऐतिहासिक उद्यानों (जैसे चंद्रशेखर आजाद पार्क और खुसरो बाग) का जीर्णोद्धार किया गया।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक प्रभाव
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मीडिया स्टडीज सेंटर के समन्वयक डॉ. धनंजय चोपड़ा के अनुसार, पिछले आठ सालों में प्रयागराज न केवल एक क्षेत्रीय केंद्र के रूप में उभरा है, बल्कि इसने उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक और आर्थिक गलियारों को भी मजबूती दी है।
- मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी: एयरपोर्ट के विस्तार से देश के प्रमुख महानगरों के लिए सीधी हवाई सेवा उपलब्ध हुई है। साथ ही, रेल और बस परिवहन तंत्र को पहले से अधिक व्यापक बनाया गया है।
- धार्मिक पर्यटन कॉरिडोर: प्रयागराज अब अयोध्या, वाराणसी, चित्रकूट और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों से सीधी और सुगम सड़क कनेक्टिविटी से जुड़ चुका है।
- व्यापारिक गतिशीलता: सिविल लाइंस जैसे प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में आधुनिक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और बेहतर बुनियादी ढांचे के कारण स्थानीय व्यापार और रीटेल सेक्टर को काफी बढ़ावा मिला है।
Rising UttarPradesh राइजिंग उत्तर प्रदेश