उत्तर प्रदेश के खेतों से उठती गन्ने की मिठास अब किसानों के बैंक खातों तक सीधी पहुँच रही है। सख्त निगरानी और पारदर्शी व्यवस्था का ही नतीजा है कि चालू पेराई सत्र (2025-26) में अब तक गन्ने के कुल मूल्य का 94.86% से ज्यादा बकाया चुकाया जा चुका है। प्रदेश की 102 से अधिक चीनी मिलों ने तो किसानों का एक-एक पैसा चुकता कर दिया है। इस त्वरित व्यवस्था से राज्य के गन्ना उत्पादक किसानों की औसत कमाई में 40,720 रुपये प्रति हेक्टेयर की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

पूरे देश में बजा यूपी का डंका
आज उत्तर प्रदेश केवल फसल उगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि गन्ने के साथ-साथ शीरा और इथेनॉल के उत्पादन में भी पूरे भारत में पहले स्थान पर कायम है। योगी सरकार के दौरान अब तक 3.25 लाख करोड़ रुपये की विशाल राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी जा चुकी है। सही समय पर सही दाम मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई ताकत मिली है।
9 वर्षों में बदला चीनी उद्योग का चेहरा
अगर पिछले नौ सालों के सफर को देखें, तो आंकड़े एक नई कहानी बयां करते हैं:
- पेराई का नया रिकॉर्ड: बीते 9 वर्षों में राज्य की मिलों ने 9,220 लाख टन गन्ने की पेराई की। यह उससे पहले के नौ सालों (6,168 लाख टन) की तुलना में 3,052 लाख टन अधिक है।
- चीनी उत्पादन में उछाल: इसी अवधि के दौरान प्रदेश में 879.06 लाख टन चीनी का रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज किया गया।
सरकारी, सहकारी और निजी मिलों ने रचा इतिहास
पेराई सत्र 2025-26 के दौरान हर क्षेत्र की मिलों ने किसानों के हित में बेहतरीन प्रदर्शन किया है:
- सहकारी मिलें: बागपत, बदायूं, महमूदाबाद, सुल्तानपुर, सहारनपुर समेत कुल 23 सहकारी चीनी मिलों (जिनकी कुल क्षमता 65,375 TCD है) ने किसानों का 100% भुगतान पूरा करते हुए 2,820.89 करोड़ रुपये वितरित किए।
- राज्य चीनी निगम: निगम की तीन संचालित मिलों ने 543.51 करोड़ रुपये का पूरा बकाया चुकता किया।
- निजी मिलों का दबदबा: निजी मिलों ने भी शत-प्रतिशत भुगतान की मिसाल पेश की। इसमें लखनऊ मंडल की मिलें 6,462.19 करोड़ रुपये के साथ सबसे आगे रहीं, जबकि मुरादाबाद मंडल ने 6,398.36 करोड़ और सहारनपुर मंडल ने 4,799.25 करोड़ रुपये का भुगतान किया।
समय पर पारदर्शी भुगतान और मजबूत सरकारी नीतियों ने उत्तर प्रदेश के चीनी उद्योग को न केवल पटरी पर लौटाया है, बल्कि राज्य को देश की कृषि अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत स्तंभ बना दिया है।
Rising UttarPradesh राइजिंग उत्तर प्रदेश