मास्टर प्लान और परियोजना की मुख्य बातें
- स्मार्ट शहरीकरण: ‘मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नए शहर प्रोत्साहन योजना’ के तहत रायबरेली विकास प्राधिकरण (RDA) एक आधुनिक और सु नियोजित आवासीय क्षेत्र विकसित करने जा रहा है।
- रणनीतिक स्थान: यह संपूर्ण टाउनशिप एम्स (AIIMS) के पास स्थित कलसहा, सुलखियापुर, पासापुर, खनुवा और बेलाभेला गांवों के दायरे में लगभग 100 एकड़ भूमि पर आकार लेगी।
- वित्तीय प्रोत्साहन: 100 करोड़ रुपये से अधिक की इस परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार भूमि अधिग्रहण की कुल लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा 20 साल के लिए प्रारंभिक पूंजी (Seed Capital) के रूप में प्रदान करेगी।

ढांचागत बदलाव और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी
राज्य सरकार द्वारा ‘यूपी स्टेट कैपिटल रीजन’ (UPSCR) के तहत जिले के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति दी जा रही है। रायबरेली-लखनऊ फोर-लेन राजमार्ग के दोनों ओर हो रहे शहरी विस्तार और बछरावां में बन रही इंडस्ट्रियल सिटी से स्थानीय रोजगार और व्यापारिक गतिविधियों को बड़ा उछाल मिलेगा। लंबी अवधि के विजन में इस क्षेत्र को मेट्रो, नमो भारत और रैपिड रेल जैसे आधुनिक सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ना भी शामिल है।
जमीन सर्वे और भविष्य का दृष्टिकोण
रायबरेली विकास प्राधिकरण की ‘महायोजना 2031’ के लागू होने से शहर के विकास को एक स्पष्ट दिशा मिली है। इसी योजना के अंतर्गत प्रयागराज हाईवे पर त्रिपुला से मामा चौराहा तक के कॉरिडोर को प्रमुख ‘मार्केट स्ट्रीट’ के रूप में चिन्हित किया गया है।
जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका के अनुसार, कैबिनेट की आधिकारिक मंजूरी मिलने के बाद अब प्राधिकरण संबंधित क्षेत्रों में जमीन की सटीक पहचान के लिए सर्वे की शुरुआत कर रहा है। सरकारी वित्तीय सहयोग से भूमि क्रय प्रक्रिया आसान होगी, जिससे शहर को अनियंत्रित फैलाव से बचाकर एक सुव्यवस्थित ढांचा और उत्कृष्ट नागरिक सुविधाएं दी जा सकेंगी।
-रवि शंकर सिंह, संवादाता, रायबरेली
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