रायबरेली-सलोन। पावर कॉरपोरेशन हर माह अनुरक्षण कार्य करा रहा है लेकिन इसके बाद भी बिजली व्यवस्था सुधर नहीं रही है। बारिश होते ही शहर हो या गांव बिजली आपूर्ति का संकट खड़ा हो जाता है। बुधवार सुबह बारिश व तेज हवा के कारण रायबरेली स्थित पॉलीटेक्निक के पास से गुजर रही 33 केवीए लाइन पर पेड़ गिर गया। इस कारण अटौरा बुजुर्ग उपकेंद्र की आपूर्ति सुबह छह बजे से लेकर एक बजे तक ठप रही। जिससे 80 गांवों की आपूर्ति सात घंटे तक बंद रही।

शहर में पिछले सात दिनों से बिजली आपूर्ति का हाल खराब है। लगातार हो रही रिमझिम बारिश से फॉल्ट के साथ ट्रिपिंग की समस्या बनी हुई है। शहर के मलिकमऊ, फिरोज गांधी नगर में बुधवार को ट्रिपिंग की समस्या रही। बुधवार सुबह पॉलीटेक्निक के पास स्थित 33 केवीए लाइन पर पेड़ गिर गया। जिस कारण अटौरा बुजुर्ग उपकेंद्र की आपूर्ति सुबह छह बजे से दोपहर एक बजे तक गुल रही। अटौरा बुजुर्ग उपकेंद्र से आठ फीडर पहाड़पुर खेड़ा, सोहड़ा व नकफुलहा जुड़े हैं। इन फीडरों से लगभग 80 से अधिक गांवों की आपूर्ति होती है। ग्रामीण बबलू द्विवेदी, जय प्रकाश, बबलू गुप्ता, राजेश कुमार, संजीत वर्मा ने बताया कि बारिश होने के बाद उमस अधिक होने लगती है। उपखंड अधिकारी पीएस राना ने बताया कि पेड़ गिरने के कारण आपूर्ति होने में समस्या आई थी।
अटौरा बुजुर्ग फीडर से जुड़े 80 गांवों की आपूर्ति रही प्रभावित
बारिश व तेज हवा चलने से पॉलीटेक्निक के पास लाइन पर गिरा पेड़। स्रोत-विभाग
16 घंटे बिजली गुल
ऊंचाहार। जमुनापुर उपकेंद्र से जुड़ी 11 हजार केवीए लाइन का एक बुधवार को खंभा गिर गया और दो खंभे टेढ़े हो गए। इससे जमुनापुर फीडर से जुड़े लगभग 20 गांवों की 30 हजार आबादी को लगभग 16 घंटे बिना बिजली के दिक्कत का सामना करना पड़ा। ग्रामीण अजय सिंह, बबलू सिंह, डाड़ेपुर गांव के मुकेश जायसवाल ने बताया कि 15 दिन पहले ही टेढ़े खंभों की जानकारी बिजली विभाग को दी गई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बुधवार सुबह नाराज ग्रामीणों ने सुबह अधिशासी अभियंता से शिकायत करते हुए सड़क जाम करने की धमकी दी। अधिशासी अभियंता उमेश कुमार ने बताया कि खंभा सही कर आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
-रवि शंकर सिंह, संवादाता, रायबरेली
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