रायबरेली। गावों में लोगो को बैंकिंग सुविधा मुहैया कराने की व्यवस्था डगमगा गई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एनआरएलएम के जिले की 980 ग्राम पंचायतों में बीसी सखी का चयन होना था,लेकिन640 गावों को ही यह सुविधा मिल सकी। इसमें298 बीसी सखियों के डिवाइस काम नहीं कर रहे या फिर कोड बंद हो गए हैं।इससे गावों में बैंकिंग लेनदेन का काम ठप है। तमाम प्रयासों के बाद भी जिले के सभी गावों को यह सुविधा अब तक नही मिल सकी है। कई बीसी सखी डिवाइस को ठीक कराने वा कोड खुलवाने के लिए भागदौड़ कर रही हैं। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। कई ऐसी भी बीसी सखी हैं जो हर माह अच्छी कमाई कर रही हैं।डिवाइस, बीसी सखी का चयन करने के बाद एनआरएलएम ने सभी को 75,75 हजार रूपए दिए थे।बैंक ऑफ बड़ौदा के माध्यम से 640 बीसी सखियों ने डिवाइस खरीदी थी।इसमें दो करोड़ रुपए खर्च हुए थे।बाद मे बीसी सखियों ने एक से डेढ़ हजार रूपए में वक्रांगी संस्था से एल 1 डिवाइस खरीदी थी।कई डिवाइस काम नहीं कर रही हैं।डिवाइस को ठीक कराने के लिए लखनऊ जाने की सलाह दी गई।इसी करा डिवाइस ठीक नहीं हो सकी।अब बैंक में लगानी पड़ रही लाइन। गांव स्तर पर बैंकिंग की सुविधा न मिलने से अब लोगों को बैंक शाखा में लाइन लगानी पड़ रही है।जिन गावों मे डिवाइस काम नहीं कर रही है, वहा पेंशनरों,मनरेगा श्रमिकों वा किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों आदि को परेशानी होती है। सिद्धौर गांव निवासी दिलीप सिंह,सीता देवी,मथुरा पासी,कोडिया निवासी लल्लू यादव का कहना है कि बैंक से रुपए निकालने परेशानी होती है।बैंक सखावो ने बीसी सखी सिकायते लेकर पहुंचती हैं,लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।अब तक 300 से अधिक शिकायते आ चुकी हैं,लेकिन शिकायते उच्चाधिकारियों तक न पहुंचाने के कारण निराकरण संभव नहीं हो पा रहा है। बीओबी के एक शाखा प्रबंधक का कहना है कि जो भी समस्या उनकी स्तर से दूर की जा सकती है,उन्हे दूर कराने का पूरा प्रयास किया जाता है। वक्रांगी कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि वारंटी व गारंटी पीरियड में डिवाइस को ठीक किया जाता है,लेकिन समय पूरा होने के बाद बीसी सखी को स्वयं उसे ठीक कराना पड़ता है।

बीसी सखी के रिक्त 255 गावों मे चयन के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसी माह परीक्षा कराने के बाद गावों में उनकी तैनाती कर लोगों को बैंकिंग का लाभ दिलाया जायेगा। पीएस चंद्रौल,उपायुक्त एनआरएलएम।
जिले में 640 में 298 बीसी सखी सक्रिय नही हैं। संबंधित बीसी सखी को काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर उनके स्थान पर नए का चयन किया जाएगा, सुबोध, लीड बैंक प्रबंधक।
-रवि शंकर सिंह, संवादाता, रायबरेली
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