यूपी के इस शहर में लाल निशान से व्यापारी हैरान, अफसरों ने पुलिस से लगाई गुहार

सुप्रीम कोर्ट ने 27 जनवरी को सेंट्रल मार्केट मामले में दायर अवमानना याचिका पर परिषद अधिकारियों को फटकार लगाई। इसके साथ ही बाकी बचे सभी अवैध निर्माणों को भी ध्वस्त करने के आदेश दिए। कोर्ट ने 6 हफ्ते के अंदर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को भी कहा।

व्यापारी ‘लाल’ होने लगे हैं क्योंकि मेरठ के सेंट्रल मार्केट प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के लिए आवास एवं विकास परिषद ने अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण हेतु दुकानों और कॉम्पलेक्स पर लाल निशान लगाने की प्रक्रिया शुरू की।व्यापारियों ने परिषद अधिकारियों को लाल निशान लगाने से मना कर दिया है। परिषद अधिकारियों ने पुलिस की मदद मांगी है और पुलिस कप्तान को पत्र भी भेजा है। डीएम से भी परिषद अधिकारी जल्द मिलने जाने की तैयारी में हैं सुप्रीम कोर्ट में अनुपालन रिपोर्ट 15 मार्च तक दाखिल की जानी है।

सुप्रीम कोर्ट ने 27 जनवरी को सेंट्रल मार्केट मामले में दायर अवमानना याचिका पर परिषद अधिकारियों को फटकार लगाते हुए बाकी बचे सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के आदेश दिए और 6 सप्ताह के अंदर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा। इसके बाद आवास विकास परिषद की तरफ से 1000 से ज्यादा व्यापारियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं और दुकानों पर भी चस्पा कर दिए गए हैं। व्यापारियों की सहूलियत के लिए 18 मीटर, 24 मीटर और 30 मीटर चौड़ी सड़कों पर बनी दुकानों का फ्रंट सैटबैक तोड़ने के लिए लाल निशान लगाकर चिह्नित करने की योजना है, लेकिन व्यापारियों ने इसके लिए मना कर दिया है और उनका कहना है कि वे अपने बाजार को बचाने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे।

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