उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी त्योहारों और कानून-व्यवस्था को लेकर कड़े तेवर दिखाए हैं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सड़क जाम कर नमाज पढ़ने की अनुमति बिल्कुल नहीं होगी. सभी धार्मिक आयोजन केवल उनके परंपरागत और निर्धारित स्थलों पर ही किए जाने चाहिए. बकरीद के मद्देनजर कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने आगामी गंगा दशहरा और बकरीद पर्व को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। कहा कि बकरीद के अवसर पर सार्वजनिक स्थलों पर पशुओं की कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी तथा प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। कुर्बानी केवल पूर्व निर्धारित स्थलों पर ही की जाएगी और किसी भी नई परंपरा को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। कहा कि नमाज केवल परंपरागत स्थलों पर ही अदा की जाए तथा सड़क मार्ग अवरुद्ध कर नमाज की अनुमति किसी भी स्थिति में न दी जाए।
उन्होंने कहा कि सभी जिलों में कुर्बानी के बाद अपशिष्ट निस्तारण की सुनियोजित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। खुले में मांस विक्रय प्रतिबंधित रहे तथा अवैध स्लाटर हाउस किसी भी दशा में संचालित न हों। वैध स्लाटर हाउस में भी निर्धारित क्षमता से अधिक पशु न रखे जाएं। उन्होंने पर्वों के दौरान बिजली आपूर्ति, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में पर्व से पूर्व फ्लैग मार्च किया जाए तथा धार्मिक स्थलों के आसपास पुलिस बल की लगातार पैदल गश्त हो। बैठक में मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बताया कि ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के तहत प्रदेश में अब तक 12 लाख पांडुलिपियों के चिन्हांकन किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने अलीगढ़, बिजनौर, सहारनपुर, रामपुर और संभल समेत अन्य संवेदनशील जिलों के डीएम व एसपी से सुरक्षा प्रबंधों की जानकारी ली। कहा कि बीते वर्षों की घटनाओं का अध्ययन कर संभावित अराजक तत्वों की सूची तैयार की जाए तथा आवश्यकतानुसार निषेधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सभी थाना, तहसील और जिला स्तर पर पीस कमेटियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखा जाए।
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