अयोध्या में इस वर्ष का दीपोत्सव सिर्फ एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के पर्यटन और अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक बड़ा माध्यम बनने जा रहा है। वर्ष 2026 के इस आयोजन को अब तक का सबसे भव्य रूप देने के लिए राज्य सरकार ने अपनी रणनीति पूरी तरह तैयार कर ली है।

वैश्विक आकर्षण का केंद्र बनेगा दीपोत्सव
इस बार दीपोत्सव में आस्था और आधुनिक तकनीक का एक अद्भुत संगम देखने को मिलेगा:
- लाखों दीपों से रोशन होगी नगरी: सरयू तट और अयोध्या की प्रमुख सड़कों को रामायण थीम पर सजाकर लगभग 30 लाख दीपक प्रज्वलित किए जाएंगे।
- आधुनिक लाइट एवं ड्रोन शो: 2,100 ड्रोन का एक विशेष शो तैयार किया गया है। यह शो दीपोत्सव के अलावा उसके दो दिन बाद ‘जमघट’ के दिन भी आयोजित होगा ताकि अधिक से अधिक लोग इसका साक्षी बन सकें।
- सांस्कृतिक और लाइव प्रस्तुतियां: 3D प्रोजेक्शन, लेज़र शो, इको-फ्रेंडली आतिशबाजी, लाइव एक्रोबेटिक कलाएं और भजन संध्या स्थल पर भव्य रामलीला का मंचन कार्यक्रम का मुख्य हिस्सा होंगे।
- अंतरराष्ट्रीय निमंत्रण: दुनिया भर के 30 से अधिक देशों में भारतीय दूतावासों के ज़रिए प्रवासी भारतीयों और विदेशी पर्यटन मंत्रियों को इस आयोजन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।

पर्यटकों की रिकॉर्ड वृद्धि और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार
धार्मिक स्थलों के कायाकल्प का सीधा असर राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या पर पड़ा है।
- 535% का उछाल: आंकड़ों के अनुसार, मार्च से जून 2026 के बीच बीते चार वर्षों की तुलना में पर्यटकों की संख्या में 535 प्रतिशत की अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है।
- वैश्विक आकर्षण: विदेशी सैलानियों की पहली पसंद के रूप में आगरा और लखनऊ शीर्ष पर बने हुए हैं।
- नए पर्यटन सर्किट: बाबा नीम करौरी सर्किट और ऐतिहासिक कालिंजर किले को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए हाईवे कनेक्टिविटी और सड़क संपर्क में तेजी से सुधार किया जा रहा है।

₹44,240 करोड़ का भारी निवेश और रोजगार के नए अवसर
पर्यटन में आई इस क्रांति से उत्तर प्रदेश का व्यापारिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी और अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात की मौजूदगी में हुई समीक्षा बैठक में कंसल्टेंसी फर्म डेलॉयट (Deloitte) की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
- अभूतपूर्व निवेश प्रस्ताव: वर्ष 2023 से सितंबर 2026 के दौरान होटल, रिसॉर्ट, कैफे और रेस्टोरेंट क्षेत्र में करीब ₹44,240 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
- होटल उद्योग में तेज़ी: प्रदेश में नए होटलों की मांग को देखते हुए उनके नक्शों की स्वीकृति 2023-24 में 205 से बढ़कर 2025-26 में 421 तक पहुँच गई है। दीपोत्सव से पहले तैयार हो चुके सभी नए होटलों को तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं
पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों के अनुभव को सुगम बनाने के लिए जमीनी स्तर पर व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं:
- सांस्कृतिक वातावरण: दीपोत्सव के दिन सुबह 4 बजे से ही पूरे शहर में मधुर भजनों का प्रसारण किया जाएगा।
- सरल रामायण कलाकृतियां: सड़कों के किनारे लगने वाली रामायण आधारित कलाकृतियों में एक पंक्ति की आसान भाषा में कहानी लिखी जाएगी ताकि बच्चे भी उसे आसानी से समझ सकें।
- सुगम आवागमन और सुरक्षा: शहर के प्रमुख स्थानों पर स्पष्ट दिशा-सूचक (साइनबोर्ड) लगाए जा रहे हैं। साथ ही, ऐसे सेल्फी पॉइंट्स विकसित किए जा रहे हैं जिससे पैदल चलने वाले यात्रियों का रास्ता बाधित न हो।
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