राजधानी दिल्ली की सड़कों पर एक बार फिर महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रेटर नोएडा के परी चौक से कश्मीरी गेट की ओर आ रही एक निजी स्लीपर बस के भीतर 16 वर्षीय स्कूली छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की दर्दनाक घटना सामने आई है। मामले में तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने बस के चालक कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी कब हुई, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
घटनाक्रम और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली 11वीं कक्षा की पीड़िता 4 अगस्त को ग्रेटर नोएडा से बस में सवार हुई थी। लगभग 47 किलोमीटर के इस सफर के दौरान, बाहर हो रही बारिश और बस की खिड़कियों पर लगे भारी पर्दों का फायदा उठाकर आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया। पीड़िता द्वारा विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई।
वारदात के बाद आरोपी छात्रा को कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास रिंग रोड पर छोड़कर भाग निकले। पीड़िता की शिकायत मिलते ही कश्मीरी गेट थाना पुलिस ने घेराबंदी कर तिमारपुर बस पार्किंग से दोनों अभियुक्तों को हिरासत में लिया। फोरेंसिक टीम ने बस को अपने कब्जे में लेकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं।
2012 के ‘निर्भया’ मामले से जुड़ी खौफनाक यादें
चलती बस में हुई यह बर्बरता 16 दिसंबर 2012 के उस ऐतिहासिक ‘निर्भया’ कांड की याद दिलाती है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। उस दौरान 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा के साथ चलती बस में हैवानियत की गई थी, जिसके बाद सिंगापुर में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया था।
उस मामले में कानून ने सख्त रुख अपनाते हुए चार दोषियों (मुकेश, पवन, विनय और अक्षय) को 20 मार्च 2020 को दिल्ली की तिहाड़ जेल में फांसी की सजा दी थी, जबकि एक आरोपी नाबालिग पाया गया था और एक अन्य ने विचाराधीन अवधि के दौरान जेल में खुदकुशी कर ली थी।
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