ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मंगलवार को ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट, 2025’ के तहत संशोधित मजदूरी दरों की घोषणा की। ये दरें 1 जुलाई से लागू होंगी। केंद्र सरकार की नई योजना वीबी-जी राम जी की देशव्यापी शुरुआत के साथ ही शुरू होंगी।
इस नोटिफिकेशन में 300 रुपये की अंतरिम बेस मजदूरी दर तय की गई है, जिससे यह पक्का हो सके कि कोई भी तय दैनिक मजदूरी इस सीमा से कम न हो। राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। मंत्रालय ने इस बदलाव को क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने और श्रम की गरिमा को मजबूत करने की दिशा में एक कदम बताया है।
कितने दिन का रोजगार मिलेगा अब?
पहले मनरेगा के तहत एक साल के भीतर 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी
पर अब नया कानून आने से पात्र ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों की रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी
न्यूनतम कितने पैसे मिलेंगे?
अगर आप भी इस वीबी-जी राम जी योजना से जुड़े हैं, तो आपके लिए सरकार ने 300 रुपये प्रतिदिन की अंतरिम न्यूनतम मजदूरी तय की है
इसका मतलब है कि इस वीबी-जी राम जी योजना के तहत किसी भी राज्य में मजदूरी 300 रुपये से कम नहीं होगी
ग्रामीण मजदूरों को मिलने वाले प्रमुख फायदे
125 दिनों की मजदूरी की गारंटी: ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में अब 100 के बजाय 125 दिनों के मजदूरी की गारंटी मिलेगी।

बढ़ जाएगी मजदूरी: देश भर में मजदूरी दरों में 15 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है।
बढ़ेगी औसत दैनिक मजदूरी: औसत दैनिक मजदूरी बढ़ाकर 327.4 रुपये कर दी गई है और न्यूनतम मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन तय की गई है।
समय पर भुगतान: इस कानून के लागू होने से समय पर भुगतान और मुआवजा मिलेगा जिसके तहत साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया गया है।
देरी पर मुआवजा: देरी होने पर 0.05% प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजे का प्रावधान है।
बेरोजगारी भत्ता: यदि आवेदन के 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो मजदूरों को बेरोजगारी भत्ते का कानूनी अधिकार प्राप्त है।
ई-भुगतान: ऑनलाइन भुगतान के जरिए धांधली रोकी गई है। साथ ही जियो-टैगिंग, जीपीएस निगरानी और फेस-ऑथेंटिकेशन से काम और भुगतान में पारदर्शिता लाई गई है।
इन राज्यों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
सबसे ज्यादा बढ़ोतरी 15-25% की रेंज में उन राज्यों में की गई है जहां ऐतिहासिक रूप से मजदूरी कम रही है। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं।
अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में सबसे ज्यादा प्रतिशत बढ़ोतरी (लगभग 24.5%) दर्ज की गई, जबकि उत्तराखंड, त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा में भी काफी बढ़ोतरी की घोषणा की गई। इस बदलाव से पहले, सबसे कम मजदूरी 241 रुपये प्रति दिन थी।
पुराने जॉब कार्ड कब तक रहेंगे मान्य
सरकार ने स्पष्ट किया कि ई-केवाईसी सत्यापित मौजूदा जॉब कार्ड तब तक मान्य रहेंगे, जब तक नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं कर दिए जाते। मंत्रालय ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में ग्राम पंचायतों की भूमिका पहले की तरह बनी रहेगी। मंत्रालय ने कहा कि प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, जल संरक्षण, कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और महिला सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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