आगरा किले की ठंडी दीवारों के पीछे एक दौर ऐसा भी था, जब मुगल बादशाह शाहजहां को अपने ही बेटे औरंगजेब की कैद में बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ा था। तब लाचार पिता ने एक खत में अपना दर्द बयां करते हुए लिखा था—‘धन्य है वह संस्कृति, जहां लोग इस दुनिया से चले जाने के बाद भी अपने पूर्वजों को आदर से जल अर्पित करते हैं।’ इतिहास की यह घटना हमें याद दिलाती है कि बुजुर्गों का सम्मान सिर्फ परंपराओं में नहीं, बल्कि जीवन के आचरण में होना चाहिए।
इसी मर्म को छूते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में प्रदेश की जनता के नाम एक बेहद भावुक पत्र (पाती) साझा किया है। 27 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलने वाले पितृ पक्ष का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह समय केवल कर्मकांड या रीति-रिवाज निभाने का नहीं है। यह उन पूर्वजों के पसीने, संघर्ष और दी गई सीख को याद करने का पल है, जिन्होंने हमारे आज को बनाया है। यह समय हमें अपनी जड़ों की ओर वापस लौटने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि अपनी विरासत को सहेजने का सच्चा तरीका यह है कि हम अपने माता-पिता और घर के बड़े-बुजुर्गों की देखभाल करें। पुरानी पीढ़ी से मिले अच्छे संस्कारों को अपनाकर एक बेहतर और खुशहाल समाज अगली पीढ़ी के हाथों में सौंपना ही हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य है।
अपनों के प्रति इसी देखभाल और जिम्मेदारी की भावना को जोड़ते हुए, राज्य सरकार ने अब समाज की सेहत सुधारने का बीड़ा उठाया है। अक्टूबर का पूरा महीना स्वास्थ्य और स्वच्छता को समर्पित किया गया है:
- संचारी रोग नियंत्रण अभियान: 1 से 31 अक्टूबर तक पूरे राज्य में संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए विशेष जागरूकता और रोकथाम की मुहिम चलाई जा रही है।
- घर-घर दस्तक अभियान: 12 से 31 अक्टूबर के बीच स्वास्थ्य विभाग की टीमें खुद हर घर का दरवाजा खटखटाएंगी और लोगों की सेहत की जांच व जरूरी सलाह उपलब्ध कराएंगी।
जनता की एकजुटता की ताकत बताते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश की मिसाल दी गई, जहां कभी ‘इंसेफेलाइटिस’ जैसी जानलेवा बीमारी का कहर था। लोगों के सहयोग और सरकार के सही कदमों की वजह से आज इस बीमारी को जड़ से खत्म किया जा चुका है।
अपनी बात को विराम देते हुए मुख्यमंत्री ने हर नागरिक से एक छोटी सी जिम्मेदारी निभाने की अपील की—अपने आसपास गंदगी न पनपने दें, ठहरे हुए पानी की सफाई करें और मच्छरों को दूर रखें। अगर घर में किसी को भी बुखार महसूस हो, तो उसे मामूली समझकर नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में दिखाएं। सही समय पर सजगता ही हर बड़ी बीमारी का सबसे कारगर इलाज है।
Rising UttarPradesh राइजिंग उत्तर प्रदेश