शारदीय नवरात्र के सातवें दिन जब पूरा देश मां कालरात्रि की आराधना में लीन था, तब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया के जरिए एक बेहद प्रेरणादायक संदेश साझा किया। उन्होंने बताया कि जिस तरह मां कालरात्रि ने अंधकार और बुराइयों का नाश कर समाज को निर्भय बनाया, ठीक उसी तर्ज पर आज उत्तर प्रदेश में भी हर तरह के भय और असुरक्षा का खात्मा किया गया है।

अगर हम कुछ साल पीछे मुड़कर देखें, तो साल 2017 से पहले का दौर किसी काले साये से कम नहीं था। तब अराजक तत्वों, दंगाइयों और अपराधियों के खौफ के कारण हमारी बहन-बेटियों के लिए कदम-कदम पर मुश्किलें थीं। शिक्षा, सुरक्षा और आगे बढ़ने के रास्ते में डर की दीवारें खड़ी थीं। लेकिन पिछले साढ़े नौ सालों में डबल इंजन सरकार के कड़े और सख्त फैसलों ने तस्वीर बिल्कुल पलट दी। अपराधियों पर पूरी तरह नकेल कसी गई और सूबे में कानून का राज स्थापित हुआ।
आज हालात यह हैं कि सरकार की बेहतरीन पहलों—जैसे ‘मिशन शक्ति’, ‘1090 हेल्पलाइन’, महिला बीट पुलिसिंग और ‘सेफ सिटी’ प्रोजेक्ट—ने महिलाओं को घर की दहलीज से लेकर कार्यस्थल तक पूरी सुरक्षा का अहसास कराया है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि साल 2016 में जहां पुलिस को मौके पर पहुंचने में 65 मिनट लगते थे, वहीं आज महज 5 मिनट के भीतर पुलिस मदद के लिए हाजिर हो जाती है।
इसी भरोसे और सुरक्षित माहौल का नतीजा है कि आज उत्तर प्रदेश की महिलाएं बेझिझक नाइट शिफ्ट में भी काम कर रही हैं। राज्य में महिला श्रम बल की भागीदारी जो कभी महज 12 फीसदी हुआ करती थी, वह अब बढ़कर 36 प्रतिशत से भी ज्यादा हो चुकी है। खेती-किसानी हो, बड़े उद्योग हों, सर्विस सेक्टर हो या खुद का कोई बिजनेस—हर जगह महिलाएं अपनी कामयाबी का परचम लहरा रही हैं। नारी शक्ति के इस जोश ने न सिर्फ सूबे की विकास यात्रा को नई रफ्तार दी है, बल्कि राज्य की जीएसडीपी और प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाई है।
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