शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जनता के नाम एक खास संदेश (योगी की पाती) साझा किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मां दुर्गा की साधना हमें केवल आध्यात्मिक ऊर्जा ही नहीं देती, बल्कि यह महिलाओं के मान-सम्मान और सुरक्षा को मजबूत कर एक सशक्त उत्तर प्रदेश की नींव रखने का सबसे बड़ा मार्ग है।

अहंकार और नकारात्मकता पर जीत का संदेश सीएम योगी ने अपने संदेश में याद दिलाया कि कैसे मां दुर्गा ने महिषासुर का संहार कर दुनिया में न्याय और धर्म की पुनर्स्थापना की थी। उन्होंने प्रभु श्रीराम की लंका विजय का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान ने भी मां जगतजननी की आराधना कर ही विजय हासिल की थी। आदिशक्ति ममता और स्नेह की मूरत होने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर चंडी का रूप भी धारण कर लेती हैं। नवरात्रि का यह पर्व हमें अपने भीतर की बुराइयों, अहंकार और नकारात्मक सोच को हराकर अच्छाई और शक्ति के साथ आगे बढ़ने की सीख देता है।
संस्कृति से जुड़ती आज की युवा पीढ़ी मुख्यमंत्री ने खुशी जताई कि आज विंध्यवासिनी, पाटेश्वरी और शाकुम्भरी जैसे प्रसिद्ध शक्तिपीठों में भक्तों का भारी सैलाव उमड़ रहा है। इन पवित्र स्थलों पर युवाओं की भारी संख्या यह साबित कर रही है कि आज की नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं से मजबूती से जुड़ रही है। आज उत्तर प्रदेश देश के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
नारी सशक्तिकरण और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता महिलाओं के विकास और संरक्षा को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए सीएम ने बताया कि बेटियों को हर क्षेत्र में बराबरी के मौके देने के लिए साल 2020 में ‘मिशन शक्ति’ अभियान शुरू किया गया था।
- पुलिस बल में भागीदारी: इन ठोस कदमों का नतीजा यह है कि आज यूपी पुलिस में 44 हजार से अधिक बेटियां देश सेवा में जुटी हैं। पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 फीसदी सीटें आरक्षित कर दी गई हैं।
- महिला PAC बटालियन: इतिहास की महान वीरांगनाओं—उदा देवी पासी, झलकारी बाई कोरी और रानी अवंतीबाई लोधी के नाम पर तीन खास महिला पीएसी बटालियनें भी बनाई गई हैं।
- स्वयं सहायता समूह और योजनाएं: गांवों में कन्या सुमंगला योजना बालिकाओं की पढ़ाई को बढ़ावा दे रही है। इसके साथ ही, 10 लाख से ज्यादा स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर 1 करोड़ से अधिक महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की एक नई कहानी लिख रही हैं।
एकजुट होकर आगे आने का आह्वान अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री योगी ने सभी प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे समाज में महिलाओं के मान-सम्मान के पहरेदार बनें। किसी भी बेटी की पढ़ाई और सुरक्षा में अपना सहयोग दें ताकि वे खुद के पैरों पर खड़ी हो सकें। सीएम ने कहा कि आदिशक्ति की असली पूजा तभी सफल होगी जब राज्य की मातृशक्ति पूरी तरह सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर बनेगी। महिलाओं के इसी संबल और सशक्तिकरण से ही ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ का सपना सच हो सकेगा।
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