यूपी में बुजुर्गों की पेंशन व्यवस्था बदली! अब 3,000 की जगह 1,500-1,500 रुपये की दो किस्तों में सीधे खाते में भेजी जा रही राशि।

उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन भुगतान की प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने अब 3,000 रुपये की त्रैमासिक पेंशन को एक साथ देने के बजाय 1,500-1,500 रुपये की दो बराबर किस्तों में बांट दिया है। सितंबर 2026 से यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधी भेजी जा रही है।

यदि इस बार आपकी पेंशन राशि खाते में नहीं पहुंची है, तो परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। नीचे दिए गए उपायों को अपनाकर आप अपनी अटकी हुई पेंशन प्राप्त कर सकते हैं:

अटकी हुई पेंशन तुरंत पाने के 4 मुख्य कदम

  • ऑनलाइन स्टेटस जांचें: यूपी समाज कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (sspy-up.gov.in) पर जाएं। ‘वृद्धावस्था पेंशन’ टैब के तहत ‘आवेदक लॉगिन’ विकल्प चुनें और अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से स्टेटस चेक करें। इससे विवरण में हुई किसी भी गलती की जानकारी मिल जाएगी।
  • ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी करें: यदि आपकी केवाईसी प्रक्रिया पेंडिंग है, तो इसे स्वयं पोर्टल के माध्यम से या नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर फिंगरप्रिंट (बायोमीट्रिक) के जरिए 5 मिनट में पूर्ण कराएं।
  • बैंक में आधार और NPCI मैपिंग कराएं: अपने बैंक की शाखा में संपर्क करें और सुनिश्चित करें कि आपका खाता DBT-सक्षम (DBT-enabled) है तथा आधार कार्ड NPCI सर्वर से सही तरीके से जुड़ा हुआ है।
  • जिला कार्यालय से संपर्क करें: यदि सभी कागजात सही हैं फिर भी राशि नहीं मिली, तो जिला विकास भवन स्थित समाज कल्याण अधिकारी के दफ्तर जाएं। वहां आवेदन पत्र के साथ बैंक पासबुक, आधार और पंजीकरण संख्या की प्रति जमा कराएं।

पेंशन न आने के मुख्य कारण

  • अधूरी ई-केवाईसी: पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार ने बायोमीट्रिक या ओटीपी आधारित e-KYC अनिवार्य किया है। इसे न कराने पर किस्त रोक दी जाती है।
  • DBT या NPCI सक्रिय न होना: यदि खाता बैंक में आधार से लिंक नहीं है या NPCI मैपिंग निष्क्रिय है, तो सरकारी राशि खाते में क्रेडिट नहीं होती।
  • विवरण में गड़बड़ी: नाम की स्पेलिंग, बैंक खाता संख्या या IFSC कोड में मामूली त्रुटि होने पर भी पेमेंट फेल हो जाता है।

सहायता और हेल्पलाइन नंबर

किसी भी ऑनलाइन समस्या के समाधान या जानकारी के लिए सरकार ने ये नि:शुल्क हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराए हैं:

  • समाज कल्याण टोल-फ्री नंबर: 14567
  • मुख्यमंत्री हेल्पलाइन: 1076

इन नंबरों पर कॉल करके अपनी पंजीकरण संख्या दर्ज कराएं और स्थिति की जानकारी लें। बैंक डिटेल्स और केवाईसी अपडेट होते ही सरकार द्वारा रुकी हुई पुरानी किस्त और नई किस्त एक साथ खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

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